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user image Rajnish Kumar - 09 Mar 2019 at 6:39 PM -

Awearness on online transaction

एटीएम फ्रॉड में क्या है 3 से 7 दिन का

अगर आप भी एटीएम कार्ड से पैसे निकालते हैं या ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं तो आपको इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ने की जरूरत है. आप इस लेख को सेव करके भी रख सकते हैं. ...

एटीएम कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग में किसी फ्रॉड के मामले में अगर आपने तीन दिन के अंदर बैंक को शिकायत कर दी तो आपका पैसा वापस मिल जायेगा.



एटीएम
कार्ड से किसी फ्रॉड या गलत लेन-देन पर आपको 3 से 7 दिन का नियम जरूर याद रखना चाहिए.

देश में बैंकिंग कारोबार के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक अकाउंट ग्राहक के हितों की रक्षा के लिए 6 जुलाई 2017 को एक सर्कुलर जारी किया है.

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क्या है सर्कुलर में?
भारतीय रिजर्व बैंक के इस सर्कुलर में कहा गया है कि अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई फ्रॉड होता है और वह समय पर बैंक को इसकी सूचना देता है तो उसका नुकसान नहीं होगा. इस मामले में बैंक उसके पैसे की भरपाई कर देगा.

बैंक को 3 दिन के अंदर दें फ्रॉड की सूचना
भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर के मुताबिक अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई अनधिकृत लेन-देन या फ्रॉड हुआ है तो आपको बैंक को इसके बारे में तीन दिन के अंदर जानकारी देनी होगी.

अगर आप ऐसा करते हैं तो इस मामले में आपकी जिम्मेदारी शून्य होगी. अगर अनधिकृत लेन-देन या फ्रॉड आपकी गलती या लापरवाही से नहीं हुआ है तो बैंक आपके नुकसान की पूरी भरपाई करेगा.

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देरी होने पर भी आपकी सीमित जिम्मेदारी
अगर आपके बैंक अकाउंट से अनधिकृत लेन-देन या फ्रॉड हुआ है और आपने बैंक को सूचना 4 से 7 दिन के बीच दी तो भी इस मामले में आपकी जिम्मेदारी सीमित होगी. इस स्थिति में आपको अनधिकृत लेन-देन की वैल्‍यू का एक हिस्‍सा उठाना पड़ेगा.

किस मामले में कितनी जिम्मेदारी?
अगर आपका बैंक अकाउंट बेसिक सेविंग बैंकिंग डिपॉजिट अकाउंट यानी जीरो बैलेंस अकाउंट है तो आपकी जिम्मेदारी 5,000 रुपये तक होगी. उदाहरण के लिए अगर आपके बैंक अकाउंट से 10,000 रुपए का अनधिकृत लेन-देन हुआ है तो आपको बैंक से 5,000 रुपये ही वापस मिलेंगे.

बाकी 5,000 रुपये का नुकसान आपको उठाना पड़ेगा.

बचत खाते पर ग्राहक की जिम्मेदारी 10,000 रुपये तक
अगर बैंक में आपका सामान्य बचत खाता है और आपके अकाउंट से अनधिकृत लेन-देन हुआ है तो आपकी जिम्मेदारी 10,000 रुपये तक होगी. उदाहरण के लिए अगर आपके बैंक अकाउंट से 20,000 रुपए का अनधिकृत लेन-देन हुआ है तो बैंक से आपको 10,000 रुपये ही वापस मिलेंगे.

बाकी 10,000 रुपए का नुकसान आपको उठाना पड़ेगा.

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रिजर्व बैंक चला रहा है जागरूकता अभियान
बैंक और एटीएम ट्रांजेक्शन में धोखाधड़ी के बढ़ते मामले को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक का इन दिनों जागरूकता अभियान जोरों पर है. न्यूज पेपर, टीवी चैनल और रेडियो पर विज्ञापन देकर रिजर्व बैंक इस बारे में ग्राहकों को जागरूक करने में जुटा है.

रिजर्व बैंक के विज्ञापन में कहा जाता है-अगर आप बैंक फ्रॉड की किसी घटनाकी जानकारी बैंक को तीन दिन में दे देते हैं तो आपको अपनी रकम वापस मिल सकती है.