Home

Welcome!

user image Arvind Swaroop Kushwaha - 15 Jun 2019 at 7:54 AM -

गंगा

डाॅ. सुनीतिकुमार चाटुर्ज्या ने बताया है कि प्राचीन चीनी में जो " कांग " है, दक्षिणी चीनी में जो " किआंग " है, उत्तरी चीनी में जो " चिआंग " है, वही भारत में " गांग " है और इसी " गांग " का संस्कृत ... रूप " गंगा " है। इसलिए मूल रूप से गंगा नदी का नाम नहीं बल्कि नदी का वाचक है जैसे कांग, किआंग और चिआंग नदी का नाम नहीं बल्कि नदी का वाचक है।

आज भी चकमा भाषा में नदी को " गांग " कहते हैं। सिंहली में तो सभी नदियों को " गंगा " ही कहा जाता है।

जैसे चीन में अनेक नदियों के नाम में " किआंग " जुड़ा होता है, वैसे भारत में भी अनेक नदियों के नाम में " गंगा " जुड़ा होता है। इसलिए कि गंगा और किआंग नदी बोधक शब्द हैं। चीन में सी - किआंग है, यू - किआंग है, लुंग - किआंग है, पे - किआंग है, लो - किआंग है। भारत में भी बाण गंगा है, रुद्र गंगा है, राम गंगा है, वैन गंगा है, गिरथी गंगा है।

डाॅ. चन्द्रेश बहादुर सिंह ने एक शोध में लिखा है कि भारत में कुल मिलाकर 46 नदियाँ ऐसी हैं जिनके नाम में " गंगा " जुड़ा है। इन 46 नदियों में 32 नदियाँ गंगा में मिलती हैं। शेष 14 नदियाँ गंगा से कहीं नहीं मिलती हैं। ये 14 नदियाँ जो गंगा से नहीं जुड़ी हैं, उनके नाम में भी गंगा का जुड़ना शायद इसीलिए है कि गंगा कभी नदी का वाचक शब्द था।