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user image Arvind Swaroop Kushwaha - 29 Oct 2018 at 4:33 PM -

अशोक विजय दशमी

सम्राट अशोक ने कब कलिंग जीता और उसके 10 दिन बाद विजयदशमी क्यों मनाया गया इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हाँ उड़ीसा से पटना आने में 10 दिन लग गए होंगे यह मानता हूँ।

श्रीलंका से साकेत आने में 10 दिन लगने का ... सवाल नहीं उठता। काल्पनिक पुष्पक विमान में बैठे और फुर्र से पहुंच गए।

नीलकंठ के दर्शन की परंपरा का भी रावण विजय से कोई संबंध नहीं समझ में आता, जबकि नीलकंठ मोर को भी कहा जाता है और सम्राट अशोक का वंश मौर्य वंश था यह जग-जाहिर है।

न तो कोई रावण था न ही उसके 10 सिर वाली बात सही है। छठवें दिन छठी, आठवें दिन अष्टमी, नवें दिन नवमी और दशवें दिन दशमी लॉजिकल है। इसलिए अशोक विजय दशमी मुझे अधिक लॉजिकल लगता है।

राम का काल महाभारत से अधिक पुराना माना जाता है। अगर दीवाली और दशहरे का संबंध राम से होता तो मथुरा और गोकुल में कृष्ण ने कभी तो दीवाली दशहरा मनाया होता। पूरी महाभारत जिसमें शांतनु के विवाह से लेकर जनमेजय के नाग-यज्ञ तक करीब 100 साल के घटनाक्रम का वर्णन है में दीपावली और दशहरा की चर्चा एक बार भी नहीं हुई।

जैसा कि लोग कहते हैं कि राम के अयोध्या आगमन से ही हर साल दीपावली और दशहरा मनाया जा रहा है तो रामचरित मानस में भी इसका उल्लेख होना चाहिए था और महाभारत में भी इसका उल्लेख होना चाहिए था।
और और तो और राम इतने बड़े भगवान थे और उन्होनें इतने बड़े रावण को मारा था कि तीनों लोक में उनका नाम था और ताज्जुब की बात कि महाभारत की करोड़ों की जनता, मथुरा, गोकुल और वृन्दावन की जनता हिन्दू होते हुए भी न कभी राम नवमी मनाती थी, न दीपावली और न ही दशहरा।